नगर निगम, पर्यटन मंत्रालय और स्विगी की नई पहल, ‘वाराणसी का स्वाद’ अब पहुंचेगा देश-दुनिया तक

नगर निगम, पर्यटन मंत्रालय और स्विगी की नई पहल, ‘वाराणसी का स्वाद’ अब पहुंचेगा देश-दुनिया तक

वाराणसी (जनवार्ता)। काशी की समृद्ध खाद्य विरासत को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से नगर निगम वाराणसी, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और स्विगी ने संयुक्त रूप से “वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ” पहल की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य शहर के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों को पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों तक अधिक सुविधाजनक तरीके से पहुंचाना है, साथ ही स्थानीय खाद्य कारोबारियों को व्यापक मंच उपलब्ध कराना भी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में किया गया। इसके तहत स्विगी की ओर से विशेष भगवा रंग के फूड कार्ट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनके माध्यम से स्थानीय विक्रेता अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विपणन कर सकेंगे। इस पहल से बनारसी व्यंजनों और पारंपरिक स्वाद को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क एवं पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा वाराणसी उत्तर के विधायक रवींद्र जायसवाल मौजूद रहे। उन्होंने शहर के 12 प्रतिष्ठित खाद्य प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित करते हुए उन्हें औपचारिक प्रमाणन पत्र प्रदान किए। सम्मानित प्रतिष्ठानों में काशी चाट भंडार, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार, नीलू कचौरी, टेस्ट किंग, पाठक जी ठंडाई वाला, नेताजी पान भंडार, गौरी शंकर कचौरी वाला और बनारसी पान मंदिर (लक्सा) शामिल रहे। यह प्रमाणन उनकी गुणवत्ता, विरासत और वर्षों से कायम प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया।
योजना के अंतर्गत स्विगी द्वारा नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पारंपरिक शैली के फूड कार्ट स्थापित किए जाएंगे। इन कार्टों के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु एक ही स्थान पर वाराणसी के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि वाराणसी की खाद्य परंपराएं उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय खाद्य उद्यमियों को बड़े ग्राहक वर्ग तक पहुंचने का अवसर प्रदान करेगी और शहर की पाक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप काशी को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जिला, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पहल के साथ यह कार्यक्रम वाराणसी की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।
स्विगी फूड मार्केटप्लेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहित कपूर ने कहा कि भोजन किसी भी शहर की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी काशी आने वाले लाखों पर्यटकों को यहां के प्रतिष्ठित स्थानीय व्यंजनों से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों के लिए नए आर्थिक अवसर भी सृजित करेगी।

rajeshswari
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Shiv murti

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