वाराणसी के 22 वार्डों में सीवर और पेयजल व्यवस्था का होगा कायाकल्प
2161 करोड़ की परियोजना शुरू
वाराणसी (जनवार्ता)। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीवर जाम, ओवरफ्लो और पेयजल आपूर्ति की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। अमृत-2.0 योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र के 22 प्रभावित वार्डों में 2161 करोड़ रुपये की लागत से नई सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ कर दिया गया है।

रविवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बंगाली टोला, जगमबाड़ी, बागहाड़ा, शिवाला और नगवां वार्डों में भूमि पूजन कर कार्य की शुरुआत की। इस परियोजना के अंतर्गत शहर में 353.13 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी। कार्य का क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की देखरेख में किया जाएगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान लगभग एक वर्ष तक लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन यह अस्थायी परेशानी आने वाले 70 से 75 वर्षों तक के लिए सीवर और पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान लेकर आएगी। उन्होंने नागरिकों से विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की।
पहले चरण में पांच वार्डों में 166.22 करोड़ रुपये की लागत से 73.54 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी तथा 15,748 घरों को सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। इससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही सीवर जाम एवं ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलेगी।
परियोजना के तहत बंगाली टोला में 8.50 किमी, जगमबाड़ी में 6.54 किमी, बागहाड़ा में 7.50 किमी, शिवाला में 28.50 किमी तथा नगवां में 22.50 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही हजारों घरों को नए सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे।
भूमि पूजन कार्यक्रम में संबंधित वार्डों के पार्षदों, नगर निगम पदाधिकारियों, भाजपा नेताओं तथा जल निगम के अधिकारियों ने भाग लिया। जनप्रतिनिधियों ने इसे काशी की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद शहरवासियों को बेहतर स्वच्छता और पेयजल सुविधाएं मिलेंगी।

