कार्डियक अरेस्ट से प्रतीक यादव की मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
लखनऊ (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का रहस्य अब कुछ हद तक खुल गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स के कारण बताई गई है, जो मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (फेफड़ों में बड़े खून के थक्के) से हुआ।

मंगलवार देर रात बेडरूम में गिरने के बाद प्रतीक यादव को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद यह जानकारी मिली कि शरीर के निचले हिस्से से ऊपरी हिस्से की ओर खून का थक्का चला गया, जिससे आर्टरी और लंग्स में संक्रमण फैला और अंततः कार्डियक अरेस्ट आया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार की चोट या संघर्ष के निशान नहीं पाए गए। सभी चोटें यदि कोई हों तो एंटीमॉर्टम (मौत से पहले की) बताई गई हैं। चेस्ट का एक्स-रे भी कराया गया। हार्ट और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक मटेरियल को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए फॉर्मेलिन में सुरक्षित रख लिया गया है। विसरा कोमिकल एनालिसिस के लिए सुरक्षित रखा गया है (विसरा नंबर 752/2026)। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMC) के तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस पैनल में डॉक्टर मौसमी सिंह के नेतृत्व में फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉक्टर अनूप कुमार रायपुरिया और डॉक्टर फातिमा हर्षा शामिल रहे।
प्रतीक यादव के जिम पार्टनर स्वप्नेश पांडेय ने बताया था कि देर रात बेडरूम में गिरने से उनके सिर पर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
मृत्यु की खबर लगते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से विस्तार से जानकारी ली।
विसरा और हार्ट की आगे की जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मौत संदिग्ध परिस्थितियों में बताई जा रही है, लेकिन पोस्टमार्टम में किसी बाहरी चोट या हिंसा के सबूत नहीं मिले हैं।

