डीआईजी कार्यालय और सरकारी आवास हड़पने की कथित साजिश
छह नामजद समेत अन्य पर मुकदमा
वाराणसी (जनवार्ता)। वाराणसी में सरकारी संपत्ति पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। कैंट थाना पुलिस ने क्षेत्रीय लेखपाल की तहरीर पर छह नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मामला मकबूल आलम रोड स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रेंज कार्यालय एवं सरकारी आवास की भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेज और कथित फर्जी वसीयत के आधार पर सरकारी भूमि का नामांतरण निजी व्यक्तियों के नाम कराने का प्रयास किया गया।
तहरीर में कहा गया है कि नगर निगम के अभिलेखों में संबंधित भूमि डीआईजी कार्यालय एवं सरकारी आवास के नाम दर्ज है। आरोप है कि चौक निवासी स्वर्गीय आनंद अग्रवाल ने नगर निगम को गुमराह कर पहले इस संपत्ति का नामांतरण अपने नाम करा लिया था। उनके निधन के बाद उनके पुत्र गुंजन अग्रवाल ने कथित अपंजीकृत वसीयत के आधार पर स्वयं को उत्तराधिकारी बताते हुए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
शिकायत के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से आपत्ति दर्ज किए जाने पर न्यायालय ने 18 नवंबर 2022 के आदेश में अपंजीकृत वसीयत को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में स्वीकार नहीं किया और प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद उसी कथित वसीयत और अन्य दस्तावेजों के आधार पर सरकारी संपत्ति पर अधिकार स्थापित करने तथा नामांतरण कराने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है।
कैंट पुलिस ने इस मामले में गुंजन अग्रवाल, स्मृता गोयल, इला अग्रवाल, बृजेश अग्रवाल, शरद अग्रवाल और मयंक अग्रवाल को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि सभी ने आपसी मिलीभगत से कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका उपयोग न्यायालय को गुमराह करने और सरकारी संपत्ति पर अवैध अधिकार प्राप्त करने के उद्देश्य से किया।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

