गुरु पूर्णिमा पर आस्था में डूबी काशी, घाटों पर उमड़े श्रद्धालु
वाराणसी (जनवार्ता)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को काशी में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगा के विभिन्न घाटों पर पहुंचे और पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार व धार्मिक अनुष्ठान किए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि, सद्बुद्धि और ज्ञान की कामना की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं।

तीर्थ पुरोहित विवेकानंद पांडेय ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का पर्व है। गुरु ही मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं, इसलिए इस दिन गुरु पूजन और गुरु वंदना का विशेष महत्व माना जाता है।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु इस अवसर पर काशी पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ गंगा स्नान कर उनके उज्ज्वल भविष्य और ज्ञान की कामना करते हैं। वहीं लखनऊ से आए महेश ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। गोरखपुर निवासी अमर सिंह ने इसे गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व बताया।
लखनऊ से आए श्रद्धालु दिनेश चंद्रोजा ने बताया कि वह हर वर्ष गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान और गुरु वंदना के लिए वाराणसी आते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार शांतिपूर्वक स्नान और पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला। गुरु मंत्र ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।

