पत्रकार ने पुराने मामलों का हवाला देकर जताई जान का खतरा
पुलिस से सुरक्षा की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार सिंह ने पिछले दो दशकों के दौरान पत्रकारिता के दौरान सामने आए विभिन्न मामलों और उन्हें मिली कथित धमकियों का हवाला देते हुए वर्तमान में भी जान का खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में एक कथित गैंग द्वारा उन्हें अलग-अलग माध्यमों से जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इस संबंध में लालपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई को लेकर उन्होंने चिंता जताई है। उनका कहना है कि धमकियों के कारण उनका परिवार भी भयभीत है।

पत्रकार अरुण कुमार सिंह के मुताबिक वर्ष 2003 में उन्होंने भूमाफिया से जुड़े एक मामले की खबर अपने अखबार में प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद कथित तौर पर उन्हें धमकी मिली थी। बाद में बिहार में लाखों रुपये के स्टांप के साथ एक व्यक्ति के पकड़े जाने और जेल जाने का मामला सामने आया था। उस समय एसओजी प्रभारी सत्येंद्र तिवारी बताए गए हैं। सिंह का दावा है कि खबर को लेकर उनके अखबार को भी नोटिस का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः प्रकाशित खबर सही साबित हुई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में कचहरी जाते समय पुनीता श्रीवास्तव को गोली मारी गई थी। घटना के समय पीड़ित परिवार का कोई सदस्य मौके पर मौजूद नहीं था। सिंह के अनुसार वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे और तत्कालीन गिलट बाजार पुलिस चौकी प्रभारी अभय सिंह के कहने पर पुनीता के कथन के आधार पर प्रार्थना पत्र तैयार कराया। उनका कहना है कि इस मामले में वे एक महत्वपूर्ण गवाह की भूमिका में रहे और इसी वजह से उन्हें कथित रूप से धमकियां मिलीं। सिंह ने दावा किया कि मामले में एक पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आई थी, जिसे बाद में बर्खास्त कर जेल भेजा गया और वर्तमान में वह वकालत कर रहा है।
अरुण कुमार सिंह के मुताबिक वर्ष 2020 में उनके नाबालिग पुत्र पर भी हमला किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन तत्काल अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। बाद में चुनाव के दौरान पहाड़िया मंडी गेट पर एडीजी की गाड़ी से वायरलेस सेट लूटे जाने की घटना के बाद जिस गैंग का नाम सामने आया, उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। सिंह का कहना है कि दालमंडी क्षेत्र में वर्तमान में कब्जा हटाने की कार्रवाई में ड्यूटी कर रहे उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह चौहान ने इस मामले में गिरफ्तारी की थी और मुकदमा लालपुर थाने में दर्ज है।
वर्तमान धमकी को लेकर चिंता
सिंह का आरोप है कि वर्तमान में कथित ‘कपरफोरवा गैंग’ से जुड़े लोगों की ओर से उन्हें विभिन्न माध्यमों से जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लालपुर थाने में मुकदमा संख्या 0226 दर्ज है। आरोप है कि मामले में पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है और लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रकार ने कहा कि लगातार सामने आए इन मामलों और वर्तमान धमकियों के कारण उनका पूरा परिवार भय के माहौल में है। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धमकी देने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

