श्रद्धा हत्याकांड: चार साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ, पिता की मौत के बाद भाई लड़ रहा कानूनी लड़ाई

श्रद्धा हत्याकांड: चार साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ, पिता की मौत के बाद भाई लड़ रहा कानूनी लड़ाई

नई दिल्ली। चर्चित श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड को चार साल पूरे होने के बावजूद मामले का ट्रायल अभी जारी है। आरोपी आफताब अमीन पूनावाला तिहाड़ जेल में बंद है और हाल में उसे जेल से परीक्षा देने की अनुमति मिलने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। वहीं, बेटी को न्याय मिलने का इंतजार करते-करते श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर की वर्ष 2025 में मौत हो गई। अब श्रद्धा का भाई अदालत में कानूनी लड़ाई आगे बढ़ा रहा है।

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मामला वर्ष 2022 में सामने आया था। पुलिस के अनुसार, श्रद्धा और आफताब के बीच संबंध थे और दोनों दिल्ली के महरौली इलाके में साथ रह रहे थे। 18 मई 2022 को श्रद्धा की हत्या किए जाने का आरोप आफताब पर लगा। पुलिस जांच में श्रद्धा के अवशेष बरामद किए गए, जिनके डीएनए परीक्षण से उनकी पहचान की पुष्टि हुई।

दिल्ली पुलिस ने जनवरी 2023 में अदालत में 6,629 पन्नों से अधिक की चार्जशीट दाखिल की थी। मई 2023 में अदालत ने आफताब के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं में आरोप तय किए। मामले में अब तक 215 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं और बड़ी संख्या में गवाहों के बयान व जिरह पूरी हो चुकी है।

ट्रायल जल्द पूरा कराने की मांग खारिज

श्रद्धा के भाई ने हाल में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर निचली अदालत को निर्धारित समयसीमा में ट्रायल पूरा करने का निर्देश देने की मांग की थी। 31 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ट्रायल पूरा करने की अलग समयसीमा तय करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि साकेत की ट्रायल कोर्ट मामले को गंभीरता से ले रही है और नियमित सुनवाई कर रही है।

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परीक्षा देने की अनुमति पर उठे सवाल

आफताब ने जेल में रहते हुए IGNOU से एमए समाजशास्त्र की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। इसके चलते एक सुनवाई भी स्थगित हुई। हालांकि, कानूनी रूप से दोष सिद्ध होने तक आरोपी को अंडरट्रायल माना जाता है और जेल नियमों के तहत कैदियों को शिक्षा तथा परीक्षा की सुविधाएं मिल सकती हैं। इसी आधार पर उसे परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई।

पिता की मौत के बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार

श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर बेटी को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन वर्ष 2025 में उनकी मौत हो गई। अब उनका बेटा मामले की कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। परिवार के लिए सबसे पीड़ादायक स्थिति यह है कि पुलिस के पास मौजूद श्रद्धा के अवशेष अभी केस प्रॉपर्टी के रूप में सुरक्षित हैं। ट्रायल पूरा होने और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।

इस बीच श्रद्धा की बुआ राजल नाइक ने दावा किया है कि मीडिया में न्याय में देरी का मुद्दा उठाने के बाद उन्हें पाकिस्तान से संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कॉल लॉग के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखने और पुलिस से शिकायत करने की बात कही है।

Shiv murti

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