24 घंटे ड्यूटी से परेशान सिपाही ने सरकारी ग्रुप में डाला इस्तीफा
काउंसिलिंग के बाद मांग नामंजूर
वाराणसी (जनवार्ता)। रामनगर थाना में तैनात एक सिपाही ने लगातार ड्यूटी से परेशान होकर सोमवार शाम थाने के आधिकारिक ग्रुप में स्वेच्छा से कार्यमुक्त किए जाने संबंधी पत्र डाल दिया। पत्र सामने आते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने थाना प्रभारी और सिपाही को तलब कर मामले की जानकारी ली।

कांस्टेबल देवगन कुमार चौहान ने पुलिस आयुक्त कार्यालय को संबोधित पत्र में लिखा कि वह 24×7 प्रत्येक दिन कार्य करने में सक्षम नहीं है, क्योंकि उसमें किसी विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं हैं। उसने अधिकारियों से उसे कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया था।
बताया जा रहा है कि सिपाही पिछले कई दिनों से ट्रॉमा सेंटर में उपचार करा रहे एक मरीज के साथ लगातार ड्यूटी लगाए जाने से मानसिक तनाव में था। इसके अलावा वह घरेलू कारणों से भी परेशान चल रहा था। ड्यूटी को लेकर बढ़े दबाव के बीच उसने यह पत्र थाने के आधिकारिक ग्रुप में डाल दिया।
अधिकारियों ने कराई काउंसिलिंग
मामले की जानकारी होने पर अधिकारियों ने सिपाही से बातचीत की और उसकी काउंसिलिंग कराई। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार, सिपाही ड्यूटी के बाद घर गया था और अगले दिन उसे फिर मरीज के साथ ड्यूटी पर जाने के लिए कहा गया। घरेलू परेशानियों के चलते वह मानसिक तनाव में था और इसी स्थिति में उसने पत्र ग्रुप में डाल दिया।
एसीपी ने बताया कि बाद में सिपाही ने फोन पर स्पष्ट किया कि वह नौकरी करना चाहता है। इसके बाद उसकी कार्यमुक्ति की मांग नामंजूर कर दी गई। सिपाही ने ग्रुप से पत्र डिलीट भी कर दिया, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया।
मामले में लगातार ड्यूटी लगाए जाने की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों ने सिपाही की स्थिति को देखते हुए उससे बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया।

