ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी को राजनीतिक दलों की मौजूदगी में कराने पर जोर
विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू
वाराणसी (जनवार्ता)। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की देखरेख में ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें वाराणसी समेत छह मंडलों के 21 जिलों के निर्वाचन अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने जिलाधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी की पूरी प्रक्रिया में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों के आने तक उनसे लगातार संपर्क किया जाए और हर हाल में उन्हें प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि चुनाव के दौरान पारदर्शिता बनी रहे और बाद में किसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति न बने।
कार्यशाला में अधिकारियों को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से एफएलसी की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद दूसरे सत्र में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के तहत ईवीएम और वीवीपैट पर प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया गया।
एफएलसी को चुनावी प्रक्रिया की शुरुआती महत्वपूर्ण तैयारियों में माना जाता है। इसमें ईवीएम और वीवीपैट की सफाई, तकनीकी जांच तथा पुराने डेटा को हटाने सहित विभिन्न प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट चुनाव के लिए पूरी तरह कार्यशील और तैयार हों। यह प्रक्रिया अधिकृत इंजीनियरों की देखरेख में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से कराई जाती है।
कार्यशाला में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा, आयोग के प्रधान सचिव बीसी पात्रा, अवर सचिव राकेश कुमार सहित वाराणसी, मीरजापुर, आजमगढ़, बस्ती, प्रयागराज और गोरखपुर मंडल के जिलाधिकारी, एडीएम, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

