हिन्दी को दैनिक व्यवहार में अधिक से अधिक प्रयोग में लाएं : प्रो. आशा यादव
जीवनदीप में हिंदी दिवस पर विशेष व्याख्यान आयोजित, विशेषज्ञों ने हिंदी की वैश्विक महत्ता पर डाला प्रकाश
वाराणसी (जनवार्ता)। बड़ा लालपुर स्थित जीवनदीप महाविद्यालय में सोमवार को ‘हिंदी दिवस’ के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

समारोह में मौजूद मुख्य अतिथि के रूप में वसंत कन्या पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग की अध्यक्षा प्रो. आशा यादव ने कहा कि आज के वैश्वीकरण के दौर में हिंदी केवल हमारी संस्कृति और अभिव्यक्ति की भाषा ही नहीं, बल्कि यह विश्व पटल पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। आंकड़ों और भाषाई वैश्विक सर्वेक्षणों के अनुसार वर्तमान में हिंदी विश्व में तीसरे स्थान पर सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। ज्ञान-विज्ञान और जनसंचार के क्षेत्र में हिंदी की बढ़ती स्वीकार्यता यह साबित करती है कि यह आधुनिकता के हर मानक पर खरी उतरती है।
हम सभी का दायित्व है कि अपनी मातृभाषा पर गर्व करें और इसे दैनिक व्यवहार में अधिक से अधिक प्रयोग में लाएं।” इसी क्रम में कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रहीं वाइस चेयरमैन डॉ. अंशू सिंह ने कहा “हिंदी हमारी राष्ट्रीय चेतना, अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान का मूल आधार है। शैक्षणिक संस्थानों का यह दायित्व बनता है कि वे युवाओं को अपनी भाषा के समृद्ध साहित्य, संस्कृति और मूल्यों से जोड़कर रखें। डिजिटल क्रांति और तकनीक के इस युग में हिंदी का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। हमें अपनी भाषाई जड़ों को मजबूत रखते हुए वैश्वीकरण के इस दौर में हिंदी को और अधिक समृद्ध बनाने का संकल्प लेना चाहिए।” स्वागत भाषण डॉ. नन्दा द्विवेदी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन छात्रा प्रिया साहू और खुशी श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बीएड विभाग की डॉ. वीणा पाण्डेय ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. इन्द्रेश चंद्र सिंह, कार्यक्रम संयोजक डॉ. नन्दा द्विवेदी एवं सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक व कर्मचारियों के अलावा समस्त छात्र उपस्थित रहे।

