क्रिकेट की पिच से चयन की जिम्मेदारी तक पहुंचे आशीष यादव
वाराणसी (जनवार्ता)। क्रिकेट के मैदान पर वर्षों तक खेलते हुए हासिल किया अनुभव अब नई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें अवसर देने में काम आएगा। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत आशीष यादव को रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (आरएसपीबी), नई दिल्ली ने भारतीय रेल की रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टीम के चयनकर्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

आशीष यादव ने वर्ष 2006 से 2010 तक उत्तर प्रदेश और वर्ष 2010 से 2019 तक भारतीय रेल का रणजी ट्रॉफी में प्रतिनिधित्व किया। क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों में उन्होंने कुल 117 मैच खेले। बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज के रूप में उन्होंने ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।
उनके क्रिकेट करियर में रणजी ट्रॉफी के अलावा विजय हजारे ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी, विज्जी ट्रॉफी और इंडियन यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं शामिल हैं। उन्होंने सेंट्रल जोन का भी प्रतिनिधित्व किया। लंबे समय तक उच्च स्तर की क्रिकेट खेलने के दौरान उन्होंने तकनीक, फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, मैच की परिस्थितियों और टीम की जरूरतों को करीब से समझा।
खिलाड़ी के रूप में लंबी पारी खेलने के बाद अब आशीष यादव प्रतिभाओं के पारखी की भूमिका निभाएंगे। चयनकर्ता के तौर पर उनकी जिम्मेदारी भारतीय रेल की टीम के लिए ऐसे खिलाड़ियों की पहचान करना होगी, जिनमें निरंतर बेहतर प्रदर्शन, अनुशासन, प्रतिबद्धता और टीम को आगे ले जाने की क्षमता हो।
आशीष यादव का मानना है कि क्रिकेट केवल रन और विकेट का खेल नहीं है, बल्कि अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कला भी है। मैदान पर खिलाड़ी के रूप में हासिल किया उनका अनुभव अब युवा क्रिकेटरों की प्रतिभा को परखने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने में उपयोगी साबित होगा।
क्रिकेट की पिच पर खिलाड़ी से लेकर चयन की मेज तक का आशीष यादव का सफर बरेका के लिए गौरव का विषय है। उनका यह सफर युवा खिलाड़ियों के लिए भी संदेश देता है कि खेल के मैदान पर अर्जित अनुभव भविष्य में नई प्रतिभाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

