वाराणसी में शरद पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी
वाराणसी (जनवार्ता)। शरद पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी वाराणसी के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया और मंदिरों में दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, पंचगंगा घाट और सामने घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ रही। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को दान दिया और आसपास स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना की। इस दौरान गंगा घाटों पर हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के जयघोष गूंजते रहे। पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल दिखाई दिया।
दशाश्वमेध घाट के तीर्थ पुरोहित विनय चौबे के अनुसार, अश्विन पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा की तिथि 25 अक्टूबर रविवार को पूर्वाह्न 11:55 बजे शुरू होकर 26 अक्टूबर सोमवार को पूर्वाह्न 9:41 बजे तक रही। चंद्रोदय कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा तिथि में होने के कारण शरद पूर्णिमा का व्रत रविवार को रखा गया। प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने सोमवार को उदयातिथि के अनुसार गंगा स्नान किया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। इसी आस्था के साथ काशी के गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।

