स्वयंसेवकों को सिखाई गई जीवन रक्षा की कला
जीवनदीप महाविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का सफल आयोजन
वाराणसी। बड़ा लालपुर स्थित जीवनदीप महाविद्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम के तत्वावधान में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी विक्रम प्रताप सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें व्यावहारिक कौशल से लैस करना था। कार्यक्रम के दौरान जीवनदीप स्कूल ऑफ नर्सिंग के उप-प्राचार्य डॉ. निखिल सिंह यादव, शिक्षक सर्वेश और प्रकाश ने संयुक्त रूप से सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) पर एक विस्तृत और उपयोगी व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रशिक्षकों ने एक विशेष डमी का उपयोग करके स्वयंसेवकों को हृदयघात की स्थिति में छाती को दबाने और कृत्रिम सांस देने की सही तकनीक का सजीव प्रदर्शन किया। इस जीवन-रक्षक तकनीक को और अधिक स्पष्टता से समझाने के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से एक विशेष शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। प्रशिक्षण सत्र के अंत में स्वयंसेवकों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक उदाहरण देते हुए संतोषजनक उत्तर दिए और उनकी शंकाओं का समाधान किया। मुख्य प्रशिक्षक डॉ. यादव ने अपने व्याख्यान में कहा “जीवन अनमोल है, और संकट का समय कभी बताकर नहीं आता। आज के दौर में कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति किसी के साथ भी, कहीं भी घटित हो सकती है। ऐसे में एम्बुलेंस का इंतजार करने या डॉ. के आने तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने के बजाय, यदि आसपास मौजूद लोग सीपीआर तकनीक से परिचित हों, तो वे पीड़ित की सांसों की डोर टूटने से बचा सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सीपीआर कोई केवल डॉक्टर या मेडिकल छात्र का कौशल नहीं है, बल्कि यह हर एक जिम्मेदार नागरिक का जीवन-कौशल होना चाहिए। शुरुआती चार से छह मिनट, जिसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, मरीज के जीवन को बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस दौरान सही समय पर सही तरीके से छाती पर दबाव दिया जाए, तो मस्तिष्क और हृदय में रक्त का संचार बना रहता है और मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। मुझे बेहद खुशी है कि महाविद्यालय के हमारे एनएसएस स्वयंसेवकों ने इस तकनीक को सीखने में गहरी रुचि दिखाई है।” इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, खेलकूद प्रशिक्षक डॉ. राजेश कुमार यादव सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने आपात स्थिति में दूसरों की सहायता करने का संकल्प लिया।

