काशी में 300 करोड़ से बनेंगे दो भव्य क्रूज टर्मिनल

काशी में 300 करोड़ से बनेंगे दो भव्य क्रूज टर्मिनल

गंगा पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

rajeshswari

विदेशी पर्यटकों के लिए इमिग्रेशन काउंटर सहित मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

वाराणसी (जनवार्ता) । गंगा में क्रूज पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में वाराणसी को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। गंगा किनारे रामनगर और सामने घाट में 300 करोड़ रुपये की लागत से दो अत्याधुनिक क्रूज टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं पर 150-150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) इसी सप्ताह इनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देगा।

रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल परिसर में बनने वाला क्रूज टर्मिनल कोलकाता से वाराणसी आने वाले बड़े और लग्जरी क्रूज का प्रमुख पड़ाव बनेगा। यहां एक साथ तीन से चार बड़े अथवा आठ से दस छोटे क्रूज खड़े हो सकेंगे। इसे सड़क, रेल और बाबतपुर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है।

यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनल पर आधुनिक प्रतीक्षालय, पृथक प्रवेश और निकास द्वार, सुरक्षा नियंत्रण प्रणाली तथा विदेशी पर्यटकों के लिए इमिग्रेशन काउंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पर्यटकों को एयरपोर्ट जैसा अनुभव मिलेगा।

दूसरी ओर सामने घाट में प्रस्तावित टर्मिनल से छोटी दूरी के क्रूज संचालित होंगे। इनके माध्यम से पर्यटक गंगा किनारे स्थित धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। इसके लिए भूमि चिह्नित की जा चुकी है।

क्रूज से प्रदूषण घटाने की भी तैयारी

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए क्रूज के ठहराव के दौरान जहाजों को किनारे से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे इंजन बंद रखे जा सकेंगे और वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी। भविष्य में इलेक्ट्रिक क्रूज की बैटरी चार्जिंग सुविधा विकसित करने की संभावनाओं का भी तकनीकी आकलन किया जाएगा।

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नाविकों से लेकर होटल कारोबारियों तक को मिलेगा लाभ

दोनों टर्मिनलों के निर्माण से गंगा में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे नाविकों, जेटी संचालकों, गाइडों, अनुवादकों, कलाकारों और होटल-रेस्टोरेंट कारोबारियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने और स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के कारोबार को भी नई गति मिलेगी। क्रूज पर्यटन का यह विस्तार काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पर्यटकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Shiv murti

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