शिमला में पार्किंग महंगी: 30–50% तक बढ़ीं दरें, छोटी-बड़ी कारों का अंतर खत्म
अब गाड़ी पार्क करना जेब पर भारी पड़ने वाला है। की वित्त समिति ने शहर की पार्किंग दरों में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह फैसला महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

नई व्यवस्था के तहत यलो लाइन पार्किंग का सालाना शुल्क 11,328 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं प्रति घंटा पार्किंग दरों में भी इजाफा किया गया है—अब 0 से 2 घंटे तक कार पार्क करने के लिए 20 रुपये के बजाय 25 रुपये चुकाने होंगे।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि निगम ने छोटी और बड़ी कारों के लिए अलग-अलग दरों का स्लैब खत्म कर दिया है। अब सभी कार मालिकों को समान दर देनी होगी, जिससे खासतौर पर छोटी कार रखने वालों पर 50 से 60 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
नगर निगम का कहना है कि इस बढ़ोतरी से उसकी आय में भी इजाफा होगा। अभी तक पार्किंग से करीब 2 करोड़ रुपये सालाना राजस्व मिलता था, जो नई दरें लागू होने के बाद बढ़कर 2.5 से 3 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
वित्त समिति की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए नगर निगम की मासिक बैठक में रखा जाएगा, जो महीने के अंत तक होने की संभावना है।
बैठक में समिति सदस्य ममता चंदेल, मीना चौहान, राम रतन वर्मा और विशाखा मोदी भी मौजूद रहे।

