177 टीचर्स को घाटी से बाहर ट्रांसफर किया,सभी कश्मीरी पंडित

177 टीचर्स को घाटी से बाहर ट्रांसफर किया,सभी कश्मीरी पंडित

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला किया है। कश्मीरी पंडित समुदाय से आने वाले 177 टीचर्स का ट्रांसफर घाटी से बाहर कर दिया है। सभी को कश्मीर के जिला मुख्यालयों में पोस्टिंग दी गई है। यह फैसला शुक्रवार को गृह मंत्रालय में हुई हाईलेवल मीटिंग के बाद लिया गया है।

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पंडितों का आक्रोश शांत कराने की कोशिश
श्रीनगर चीफ एजुकेशन ऑफिसर की ओर से जारी एक पत्र में सभी टीचर्स के ट्रांसफर की जानकारी दी गई है। प्रशासन के इस फैसले को कश्मीरी पंडितों के आक्रोश को कम कराने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, घाटी में लगातार हो रही टारगेट किलिंग के बाद से ही कश्मीरी पंडितों में आक्रोश है।

रजनी बाला की हत्या के बाद जम्मू में ट्रांसफर की मांग
सांबा में 31 मई को टीचर रजनी बाला की हत्या के बाद से ही प्रदर्शन कर रहे थे। कश्मीरी पंडितों की मांग है कि उन्हें जम्मू में ट्रांसफर किया जाए, जिससे लगातार हो रही टारगेट किलिंग पर रोक लगे।

सुरक्षाबल ही सुरक्षित नहीं, हमें कौन सुरक्षा देगा?
अनंतनाग के मट्टन में रहने वाले कश्मीरी पंडित रंजन ज्योतिषी ने बताया कि लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है। हमारे कई लोग मारे जा चुके हैं। सरकार हमसे क्या चाह रही है? उन्होंने आगे कहा कि यहां सुरक्षाबल के लोग ही सुरक्षित नहीं है, तो हम कैसे सुरक्षित रहेंगे।

घाटी में प्रधानमंत्री पैकेज और अनुसूचित जाति जैसी श्रेणियों में करीब 5900 हिंदू कर्मचारी हैं। इनमें 1100 ट्रांजिट कैंपों के आवास में, जबकि 4700 निजी आवासों में रह रहे हैं। पाबंदियों के बावजूद निजी आवास और कैंप में रहने वाले कर्मचारियों में से 80 फीसदी कश्मीर छोड़कर जम्मू पहुंच गए हैं। अनंतनाग, बारामूला, श्रीनगर के कैंप के कई परिवार पुलिस-प्रशासन के पहरे के कारण नहीं निकल पा रहे हैं।

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Shiv murti

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