हार्ड लैंडिंग से नोज व्हील टूटा, 133 यात्री सुरक्षित
फुकेट एयरपोर्ट पर बाल-बाल बची एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट:
नई दिल्ली (जनवार्ता)। एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान जब थाईलैंड के फुकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान विमान का नोज लैंडिंग गियर पूरी तरह टूट गया और आगे के पहिए अलग हो गए। इस घटना में प्लेन में सवार सभी 133 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बाहर निकाले गए, किसी को कोई चोट नहीं आई।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX938 (बोइंग 737 MAX 8, रजिस्ट्रेशन VT-BWQ) हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह करीब 6:42 बजे उड़ी थी। यह फुकेट पहुंचकर स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 11:24 बजे लैंडिंग की कोशिश कर रही थी। लैंडिंग के दौरान हार्ड टचडाउन हुआ, जिससे विमान बाउंस कर गया और नोज व्हील क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया। विमान रनवे पर फिसलता हुआ रुक गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में प्लेन का आगे का हिस्सा रनवे पर टिका दिख रहा है, नोज गियर टूटा हुआ है और धुआं उठता नजर आ रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि नोज व्हील्स अलग होकर फेंस से टकराए, जिससे छोटी आग लगी लेकिन तुरंत बुझ गई।
फुकेट एयरपोर्ट, जो पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है और इसका एकमात्र रनवे है, के अधिकारियों ने तुरंत रनवे बंद कर दिया। इससे कई आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुईं और कुछ को डायवर्ट करना पड़ा। रनवे कई घंटों तक बंद रहा, जिसके बाद विमान को हटाकर और सुरक्षा जांच के बाद इसे दोबारा शुरू किया गया। एयरलाइंस ने आधिकारिक बयान में कहा कि क्रू ने सभी स्टैंडर्ड इमरजेंसी प्रोटोकॉल का पालन किया। यात्रियों को मोबाइल सीढ़ियों या इमरजेंसी तरीकों से प्लेन से उतारा गया और उन्हें टर्मिनल में सुरक्षित जगह पर ले जाया गया।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पुष्टि की, “हमारी हैदराबाद-फुकेट फ्लाइट बुधवार को फुकेट एयरपोर्ट पर नोज व्हील से संबंधित समस्या का सामना की। क्रू ने सभी मानक प्रोटोकॉल फॉलो किए और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया।”
चूंकि यह भारतीय एयरलाइंस की फ्लाइट है, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) इस घटना की जांच करेगा। बोइंग 737 MAX 8 पहले से ही वैश्विक सुरक्षा जांच के केंद्र में रहा है, इसलिए इस हादसे की गहन जांच होगी। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में हार्ड लैंडिंग को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी खराबी, पायलट एरर या अन्य कारकों की भी जांच होगी।

