अलकायदा से जुड़े युवक को एटीएस ने दबोचा
इंटरनेट माध्यम से संदिग्ध गतिविधियां चलाने का दावा
आजमगढ़ (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने आतंकवादी संगठन अलकायदा इंडियन सब-कॉन्टिनेंट से कथित रूप से जुड़े एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान मोहम्मद नबील पुत्र मोहम्मद दानिश, निवासी ग्राम चितारा, महमूदपुर, थाना दीदारगंज, आजमगढ़ के रूप में हुई है।

एटीएस के अनुसार नबील सामाजिक माध्यमों पर संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय था और युवाओं को आतंकी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। आरोप है कि उसने संदेश भेजने वाले एक अनुप्रयोग पर “ला गालिब-इल्लल्लाह” नाम से समूह बनाया था। इस समूह के माध्यम से युवाओं को कथित रूप से मुजाहिद बनने के लिए तैयार करने का प्रयास किया जाता था।
जांच के दौरान समूह में कथित तौर पर जिहाद, चाकू, रसायन, योजना, यात्रा, कलम, जूस और परियोजना जैसे सांकेतिक शब्दों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। एटीएस का दावा है कि नबील ने समूह में “जिहाद करने के 44 तरीके” नामक पुस्तक भी साझा की थी, जिसे आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े रहे मौलाना आसिम उमर से संबंधित बताया गया है। इसके अलावा “तीसरी जंग-ए-अजीम और दज्जाल” नामक पुस्तक साझा किए जाने की भी जानकारी मिली है।
एटीएस के मुताबिक आरोपित के मोबाइल फोन की जांच में “फ्लेम्स ऑफ वॉर” समेत अन्य संदेश समूहों से उसके जुड़े होने के संकेत मिले। इन समूहों में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब समेत कई देशों के लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि नबील विदेश जाकर प्रशिक्षण लेने की योजना बना रहा था। पाकिस्तान, तुर्किये और बांग्लादेश में प्रशिक्षण लेने तथा विस्फोटक तैयार करने से संबंधित योजना की जानकारी मिलने का भी दावा किया गया है। आरोपित के बीच विस्फोटक बनाने की विधि और पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने को लेकर बातचीत होने की बात भी एटीएस ने कही है।
एटीएस के अनुसार नबील अपने साथियों के साथ मिलकर भारत में गजवा-ए-हिंद की कथित योजना पर काम कर रहा था। मामले में लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपित को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

