चंदौली में 200 भवनों पर बुलडोजर की तैयारी, अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन सख्त
फोर लेन सड़क निर्माण में बाधा बने अवैध निर्माण हटेंगे; व्यापारियों से बैठक बेनतीजा, बुधवार से अभियान शुरू होने के संकेत
चंदौली (जनवार्ता) : फोर लेन सड़क निर्माण परियोजना को लेकर चंदौली प्रशासन अब सख्त रुख में आ गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। मंगलवार को मुगलसराय कोतवाली में अधिकारियों और व्यापारियों के बीच हुई लंबी बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, जिससे दोनों पक्षों के बीच गतिरोध और बढ़ गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि चिन्हित अतिक्रमण हर हाल में हटाया जाएगा और इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, शासन से स्वीकृत फोर लेन की डिजाइन में कोई बदलाव नहीं होगा। सड़क के मध्य से 52 फीट चौड़ी भूमि ली जाएगी, जिसमें डिवाइडर, सड़क, केसी ड्रेन, नाली और डक्ट का निर्माण प्रस्तावित है।
इस कार्रवाई के तहत नगर के करीब 200 मकानों को तोड़ा जाएगा। बैठक में एसडीएम अनुपम मिश्रा, अधिशासी अधिकारी राजीव मोहन सक्सेना, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार और थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जबकि व्यापारियों की ओर से भी कई प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए समय देने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने इसे अस्वीकार कर दिया। इस दौरान कई बार तीखी बहस भी हुई, परंतु सहमति नहीं बन सकी, जिससे व्यापारियों में असंतोष बढ़ गया है। एसडीएम अनुपम मिश्रा ने साफ कहा कि बुधवार से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया जाएगा और लाल निशान के भीतर आने वाले सभी अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
प्रशासन की ओर से तीन दिन पहले ही लाउडस्पीकर के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर अब बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, जो लोग स्वयं अतिक्रमण हटा लेंगे, उन्हें मानवीय आधार पर सीमित समय दिया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान की शुरुआत रेलवे भूमि से की जाएगी, ताकि फोर लेन निर्माण में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि फोर लेन सड़क बनने के बाद शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में संकरी सड़कों और अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रहती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर रोजाना करीब 20 हजार यात्री आते-जाते हैं, जिन्हें जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। परियोजना पूरी होने के बाद न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


