विनीत राय हत्याकांड: लापरवाही पर तत्कालीन कोतवाल और उपनिरीक्षक निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
गाजीपुर (जनवार्ता)। चर्चित विनीत राय हत्याकांड में पूर्व में मिली शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दीनदयाल पाण्डेय और हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रशंकर मिश्र को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते युवा व्यवसायी विनीत राय की हत्या के मामले में थाना कोतवाली पर मुकदमा संख्या 365/2026 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में दर्ज है।
मृतक के पिता आलोक राय ने 15 जुलाई 2026 को वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण से शिकायत कर आरोप लगाया था कि वर्ष 2023 से ही “कटरा गैंग” की गतिविधियों को लेकर कई बार थाना कोतवाली में शिकायतें दी गई थीं, लेकिन उन पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण बाद में उनके पुत्र की हत्या हुई।
डीआईजी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) गाजीपुर से कराई गई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि 8 दिसंबर 2023 की घटना के वीडियो साक्ष्यों में दोनों पक्षों की भूमिका सामने आने के बावजूद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने केवल एक पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शंकर पाण्डेय के विरुद्ध पहले से गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा और गैंग पंजीकृत होने के बावजूद उसके खिलाफ प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
जांच में यह भी पाया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए विभिन्न प्रार्थना पत्रों की समयबद्ध और गंभीरता से जांच नहीं की गई तथा हल्का प्रभारी द्वारा बिना समुचित पड़ताल के एक जैसी आख्या लगाकर उन्हें विलंब से भेजा गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पाण्डेय और उपनिरीक्षक चन्द्रशंकर मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि वाराणसी परिक्षेत्र के गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली जनपदों में आमजन और व्यापारियों की सुरक्षा तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

