विकसित भारत युवा संसद 2026 का शुभारंभ, युवाओं ने रखा राष्ट्र निर्माण का संकल्प
लखनऊ (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को तीन दिवसीय राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जनपदों से चयनित 375 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया और “केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर युवाओं के मार्ग को सशक्त बनाना” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।


युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के ‘मेरा युवा भारत’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा युवा कल्याण एवं खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि एवं वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ हुई।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि आज का युवा जागरूक, संगठित और संकल्पित है तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि आज का युवा ही कल के भारत की तस्वीर है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, नवाचार और जोखिम लेने की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने युवा संसद को लोकतंत्र की समझ विकसित करने और नेतृत्व कौशल निखारने का प्रभावी मंच बताया।
कार्यक्रम में युवाओं ने केंद्रीय बजट 2026 पर गहन और विश्लेषणात्मक विचार रखते हुए स्टार्टअप, नवाचार, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर अपने सुझाव दिए। प्रतिभागियों की प्रस्तुति में ग्रामीण अनुभव, राष्ट्रीय दृष्टिकोण और वैश्विक सोच का समन्वय देखने को मिला।
तीन दिनों तक चलने वाली इस युवा संसद में प्रतिभागियों को अपने विचार रखने के लिए तीन-तीन मिनट का समय दिया जाएगा। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम में माय भारत उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक अनिल कुमार सिंह, राज्य निदेशक गोपेश पांडेय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन का संचालन अनन्या तिवारी एवं मृणाली दीक्षित ने किया।
यह युवा संसद कार्यक्रम युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने, नीति निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करने और विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

