प्रयागराज में अशरफ के करीबी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, बीच बाजार मारी गोली
दो बाइक से आए चार नकाबपोश बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम, अतीक गैंग के पूर्व शूटर समेत कई पर FIR
प्रयागराज, (जनवार्ता)।
प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र में बुधवार शाम बीच बाजार एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मोहम्मद इरफान (47) के रूप में हुई है, जो कभी माफिया अशरफ का करीबी माना जाता था। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने परिवार की तहरीर पर अतीक गैंग के पूर्व शूटर रहे आसिफ दुर्रानी, उसके भाई राशिद और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, घटना शाम करीब 6:30 बजे करेली के बिस्मिल्ला चौराहे पर हुई। मोहम्मद इरफान अपने घर से करीब 250 मीटर दूर एक चाय की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार चार बदमाश वहां पहुंचे। सभी ने गमछे से चेहरा ढक रखा था। एक हमलावर बाइक से उतरकर इरफान के पास पहुंचा और पिस्टल से सीने पर सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही इरफान मौके पर लहूलुहान होकर गिर पड़े।
घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और घायल इरफान को स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मोहम्मद इरफान का नाम पहले भी माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ के करीबी के तौर पर सामने आता रहा है। बताया जाता है कि करीब 12 साल पहले वह अशरफ की गाड़ी भी चलाता था। परिजनों का आरोप है कि हत्या के पीछे जमीन के कारोबार को लेकर पुरानी रंजिश है।
मृतक के बेटे मोहम्मद आमिर ने करेली थाने में दर्ज कराई गई FIR में चकिया निवासी आसिफ दुर्रानी, उसके भाई राशिद समेत अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया है। आरोप है कि सभी पहले इरफान के साथ जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करते थे, लेकिन बाद में विवाद बढ़ने से दुश्मनी हो गई थी।
पुलिस की शुरुआती जांच में भी जमीन विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसका परीक्षण गुरुवार को कराया जाएगा।
आरोपी आसिफ दुर्रानी का आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह माफिया अतीक अहमद के गैंग IS-227 का सक्रिय शूटर रह चुका है। वर्ष 2020 में अवैध स्लॉटर हाउस संचालन और 2021 में प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा उसके मकान पर बुलडोजर कार्रवाई भी हो चुकी है। उस पर गवाहों को धमकाने और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई बार कार्रवाई हो चुकी है।
करेली थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी आसिफ दुर्रानी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की साजिश और असल वजह का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।

