सोनभद्र में वामदलों का प्रदर्शन, मजदूरों पर दमन के खिलाफ राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
सोनभद्र में गुरुवार को संयुक्त वामदलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर सहित देशभर में मजदूरों पर हो रहे दमन के खिलाफ आवाज उठाई और एडीएम को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।


तपती धूप में आयोजित इस प्रदर्शन में भाकपा, माकपा और माले के कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की। नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूरों की वेतन वृद्धि, कार्य दशा में सुधार और आठ घंटे कार्यदिवस जैसी मांगों को लेकर चल रहे आंदोलनों पर सरकार दमनात्मक कार्रवाई कर रही है।
भाकपा जिला सचिव आर.के. शर्मा ने कहा कि मजदूरों पर लाठीचार्ज, फर्जी मुकदमे और गिरफ्तारी सरकार के “श्रमिक विरोधी रवैये” को दर्शाते हैं। माकपा जिला मंत्री नंद लाल आर्या ने नोएडा में मजदूरों और नेताओं की गिरफ्तारी तथा परिवारों से संपर्क रोकने को “बर्बरता” बताया।
खेत मजदूर यूनियन के देव कुमार विश्वकर्मा ने प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए इसे “जंगल राज” करार दिया। किसान सभा के प्रेम नाथ ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए जन आंदोलनों को बदनाम कर रही है। सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष विसंभर सिंह ने गिरफ्तार मजदूरों की तत्काल रिहाई और उत्पीड़न बंद करने की मांग उठाई।
वामदलों ने आरोप लगाया कि विभिन्न जिलों में नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शनों पर रोक न लगाने, फर्जी मुकदमे वापस लेने और श्रमिक संगठनों के साथ वार्ता शुरू करने की मांग की।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दमन नहीं रुका तो जनाक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा।

