नदियों की धारा से खिलवाड़! जुगैल क्षेत्र में अवैध बालू खनन से पर्यावरण पर संकट
सोनभद्र (जनवार्ता)। एक ओर सरकार नदियों को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद के जुगैल थाना क्षेत्र में कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर बालू खनन किए जाने का मामला सामने आया है। अगोरी, खेवंधा और भगवा क्षेत्र में संचालित रुद्रा माइनिंग और वीरा कंस्ट्रक्शन पर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि खनन कार्य के दौरान नदी की प्राकृतिक धारा से छेड़छाड़ की जा रही है। परिवहन के लिए नदी में स्थानीय बोल्डर और पेड़-पौधों की टहनियां डालकर अस्थायी रास्ते बनाए गए हैं, जिससे जल प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। आरोप है कि नदी की जलधारा के ऊपर अस्थायी बांध बनाकर पानी को मोड़ा जा रहा है, ताकि बड़ी मशीनों से आसानी से बालू निकासी की जा सके।

स्थानीय लोगों के मुताबिक खनन के बाद नदी में बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे छोड़ दिए जाते हैं। बरसात या जलभराव के दौरान ये गड्ढे जानलेवा साबित होते हैं। पूर्व में कई ग्रामीणों की डूबने से मौत होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि इसी तरह नदी का दोहन जारी रहा तो घटिहटा ग्राम पंचायत का भगवा टोला भविष्य में गंभीर खतरे में पड़ सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मुद्दे पर अब तक कोई जनप्रतिनिधि खुलकर आवाज नहीं उठा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि सोनभद्र की पवित्र नदियों को प्रदूषण और अंधाधुंध खनन से बचाया जा सके।

