नासिक में ढोंगी बाबा पर सनसनीखेज आरोप: शादी से पहले दुल्हन को बुलाकर किया दुष्कर्म, पीड़िता का बड़ा खुलासा
नासिक, (जनवार्ता)|
महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित स्वयंभू बाबा अशोक खरात को लेकर चौंकाने वाले खुलासे लगातार सामने आ रहे हैं। जिस व्यक्ति को लोग गहरी आस्था और श्रद्धा के साथ पूजते थे, उसी पर लगे गंभीर आपराधिक आरोपों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और उसके परिवार के कई सदस्यों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इसी बीच, एक पीड़िता ने अब तक का सबसे गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बाबा के कथित कृत्यों का खुलासा किया है। यह वही महिला है, जिसने सबसे पहले खरात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी और जिसके बयान के बाद यह मामला सार्वजनिक रूप से सामने आया।
पीड़िता के अनुसार, वह पहली बार वर्ष 2019 में बाबा के संपर्क में आई थी। उस दौरान बाबा ने उसे अपनी “सबसे प्यारी बेटी” बताते हुए कहा था कि उसका कन्यादान वह स्वयं करेगा। बाबा की इन बातों से प्रभावित होकर पीड़िता और उसका पूरा परिवार उस पर भरोसा करने लगा। परिवार ने उसे एक आध्यात्मिक और सम्मानित व्यक्ति मानते हुए उसके संपर्क में रहना जारी रखा।
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में उसकी शादी तय होने के बाद वह अपने मंगेतर के साथ बाबा से आशीर्वाद लेने गई थी। इसी दौरान बाबा ने “सिद्ध पूजा” और भविष्य मंगलमय करने का हवाला देते हुए उसे एक दिन के लिए आश्रम बुलाया। बाबा ने कहा कि विवाह से पहले विशेष पूजा अनुष्ठान जरूरी है, जिससे वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा।
आरोप है कि आश्रम पहुंचने पर बाबा ने उसे अपने केबिन में बुलाकर दरवाजा बंद कर लिया और “प्रसाद” के नाम पर नशीला पदार्थ दे दिया। प्रसाद खाने के कुछ ही देर बाद वह बेहोश हो गई। पीड़िता का कहना है कि इसी दौरान बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता के मुताबिक, यह सिलसिला एक बार की घटना तक सीमित नहीं रहा। उसने आरोप लगाया कि नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक उसे बार-बार नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया जाता रहा। लंबे समय तक वह मानसिक दबाव, डर और सामाजिक बदनामी की आशंका के कारण चुप रही।
पीड़िता ने यह भी बताया कि परिवार ने बदनामी के डर से लंबे समय तक इस मामले को सार्वजनिक नहीं किया। हालांकि, लगातार बढ़ते मानसिक उत्पीड़न और अन्य पीड़ितों के सामने आने के बाद उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले का बड़ा खुलासा हुआ।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, आश्रम से जुड़े दस्तावेज और अन्य संभावित सबूतों के आधार पर विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि और पीड़ित सामने आते हैं तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
यह मामला न केवल धार्मिक आस्था के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, बल्कि समाज को ऐसे तथाकथित बाबाओं और स्वयंभू धर्मगुरुओं से सतर्क रहने की चेतावनी भी देता है।

