लंबित विवेचनाओं पर वाराणसी पुलिस कमिश्नर सख्त, 12 पुलिस अधिकारी निलंबित
वाराणसी, (जनवार्ता)। पुलिस कमिश्नरेट में लंबित विवेचनाओं और शिकायतों के असंतोषजनक निस्तारण पर पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बुधवार को यूपी डीजीपी के साथ हुई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने यह सख्त फैसला लिया। समीक्षा में कई अधिकारियों के पास 60 दिनों से अधिक समय से बड़ी संख्या में विवेचनाएं लंबित पाई गईं। साथ ही शिकायतों के निस्तारण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली, जिस पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई।
जांच में यह भी सामने आया कि गैर-जमानती वारंट (NBW) की तामील, आरोपियों की गिरफ्तारी, बिना नंबर वाहनों की सीजिंग और विपरीत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगभग नगण्य रही। इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए।
निलंबित अधिकारियों में कैंट, शिवपुर, लालपुर-पांडेयपुर और अर्दली बाजार थाना क्षेत्रों से जुड़े निरीक्षक संतोष पासवान तथा उपनिरीक्षक आशीष श्रीवास्तव, भैरव श्रीवास्तव, मुन्ना यादव, जमुना प्रसाद तिवारी, प्रवेश कुंतल, अशोक कुमार सिंह, कोमल यादव, आशीष कुमार सिंह, प्रमोद कुमार गुप्ता, कमल कुमार गुप्ता और विजेंद्र सिंह शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कार्यशैली में लापरवाही, विवेचनाओं में देरी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी गैर-जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।


