एक नन्हीं बच्ची की मासूम फरियाद ने वाराणसी के ट्रैफिक जाम को किया बेनकाब
वाराणसी (जनवार्ता) । काशी की सड़कों पर रोजाना लगने वाले जाम की मार झेलते स्कूली बच्चों की व्यथा को क्लास 1 की छात्रा भाविका ने इतने सहज और दिल को छू लेने वाले अंदाज में रख दिया कि प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ भी भावुक हो उठे।

महमूरगंज स्थित मंत्री के कैम्प कार्यालय में आयोजित ‘होली मिलन समारोह’ के दौरान जनता की भीड़ में अपनी माता-पिता के साथ पहुंची सेंट जॉन्स स्कूल, डीएलडब्ल्यू की छोटी भाविका ने मंत्री को ‘अंकल’ कहकर पुकारा और बोली, “अंकल, स्कूल जाते और आते समय बहुत जाम मिलता है। जाम में उलझ जाता है मेरा बचपन।”
यह मासूम सी बात शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की बड़ी खामी को उजागर कर गई। मंत्री डॉ. दयालु ने भाविका की ओर स्नेह भरी नजरों से देखा और कहा कि यह सिर्फ एक बच्ची की शिकायत नहीं, बल्कि पूरे शहर के बच्चों और भविष्य की पुकार है। उन्होंने तुरंत एसपी ट्रैफिक को फोन किया और स्कूलों के मार्गों पर जाम की समस्या खत्म करने, यातायात को सुचारु बनाने के लिए फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने भाविका को आश्वस्त करते हुए कहा, “काशी की सड़कों पर अब बच्चों का बचपन जाम में नहीं फंसेगा। उनकी राह सरल, सुरक्षित और सपनों तक पहुंचाने वाली होगी।” इस पल में पूरा समारोह संवेदना से भर गया। मौजूद लोग इस मासूम संवाद से गहरे प्रभावित हुए। कार्यक्रम में मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी भी मौजूद रहे।
यह घटना वाराणसी में यातायात व्यवस्था, खासकर स्कूलों के आसपास के रास्तों में सुधार की गंभीर जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है। जहां हजारों बच्चे रोज स्कूल आते-जाते हैं, वहां छोटी भाविका की आवाज अब प्रशासन के लिए चुनौती के साथ-साथ संवेदना का मजबूत प्रतीक बन गई है।

