वाराणसी में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने पर मंथन
राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला में योजनाओं की प्रगति, नवाचार व समन्वय पर जोर
श्वेत क्रांति 2.0, डिजिटल विस्तार और राज्यों के सहयोग पर विशेष चर्चा
वाराणसी(जनवार्ता)। 9–10 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला का शुभारंभ सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यशाला में देशभर से सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव रमण कुमार, अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, संयुक्त सचिव आनंद कुमार झा एवं निदेशक कपिल मीणा शामिल रहे।
कार्यशाला में सहकारिता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ श्वेत क्रांति 2.0, नवाचार, समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। विभिन्न सत्रों में सहकारी बैंकिंग के आधुनिकीकरण, पीए सीएस व एआरडीबीस के कंप्यूटरीकरण, ऑर्गेनिक खेती, डेयरी मॉडल के विस्तार और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया।
गोवा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही बहु-राज्य सहकारी समितियों से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला के दौरान मीडिया एवं संचार रणनीति पर भी दिशा-निर्देश दिए गए तथा अमूल द्वारा एआई और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग का प्रस्तुतीकरण किया गया।
यह कार्यशाला सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।इस कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया ।
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