दालमण्डी : सातवें दिन तोड़ा गया 11वां मकान, बुलडोजर एक्शन जारी
वाराणसी (जनवार्ता)। ऐतिहासिक दालमण्डी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत ध्वस्तीकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभियान के सातवें दिन 11वां मकान ध्वस्त कर दिया गया। यह तीन मंजिला इमारत थी, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर दो दुकानें चल रही थीं जहां गर्म कपड़ों की बिक्री होती थी और पहले तल पर गोदाम बना हुआ था।

संकरी गलियों के कारण बुलडोजर का सीधा उपयोग मुश्किल होने से मशीनों और हथौड़ों की मदद से कार्रवाई की गई। मुनादी के बाद दुकानों को खाली कराया गया और पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग से बंद कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मौके पर एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, वीडीए जोनल अधिकारी रविंद्र प्रकाश, एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी सहित सिविल फोर्स, पीएससी और अर्धसैनिक बल तैनात रहे। ड्रोन से पूरे कार्य की निगरानी की जा रही है। वीडीए का कहना है कि मकान अवैध घोषित था और कई नोटिस तथा मुनादी के बाद यह कार्रवाई की गई। यह दालमण्डी चौड़ीकरण योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाना है।
योजना के तहत करीब 650-800 मीटर लंबी सड़क को 17-17.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसमें कुल 184-187 भवनों का अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण प्रस्तावित है। परियोजना की अनुमानित लागत 215-224 करोड़ रुपये है। जनवरी 2026 से बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है, पहले हथौड़े और मशीनों से काम चल रहा था। अब तक दर्जनों भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और 10 से अधिक भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं।
स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं—कई लोग इसे विकास और यातायात सुधार के रूप में सकारात्मक देखते हैं, जबकि दुकानदार और निवासी अपनी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। यह अभियान काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से जुड़ा है और श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र को आधुनिक रूप देने का प्रयास है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

