यूजीसी के विरोध में करणी सेना का प्रदर्शन, ■ प्रदेश अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में

यूजीसी के विरोध में करणी सेना का प्रदर्शन, ■ प्रदेश अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में

■ ज्ञापन सौंपने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का लगाया आरोप

■प्रशासन ने अनुमति नहीं होने का हवाला देकर की कार्रवाई

वाराणसी (जनवार्ता)। यूजीसी के विरोध में सोमवार को वाराणसी के जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी और जिला अध्यक्ष आलोक सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के प्रति अपना विरोध जताते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने और ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात कहते हुए पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया।

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करणी सेना के कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे अपनी मांगों और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। उनका उद्देश्य प्रशासन के माध्यम से अपनी बात संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और ज्ञापन सौंपना था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन करने से रोक दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उनका कहना था कि किसी भी मुद्दे पर असहमति जताना और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में प्रशासन को उनकी बात सुनने का अवसर देना चाहिए था।

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प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। करणी सेना के नेताओं का आरोप है कि वे किसी तरह की अव्यवस्था फैलाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष पक्ष रखने आए थे। उनका कहना था कि ज्ञापन देकर अपनी बात रखने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए पुलिस-प्रशासन के व्यवहार पर नाराजगी जताई।

वहीं, इस मामले में एडीसीपी लिपि नगायच ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन के लिए प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद करीब 150 से 200 लोग एकत्र हो गए थे। उनके अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बिना अनुमति जुटने से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया।

एडीसीपी ने कहा कि मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति आयोजित प्रदर्शन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई।

यूजीसी के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच कार्रवाई को लेकर मतभेद सामने आए। एक ओर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को रखने और ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचने की बात कही, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया। फिलहाल, पुलिस ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की बात कही है।

Shiv murti

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