सदर तहसील में एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच बढ़ा विवाद
बार एसोसिएशन ने खोला मोर्चा
वाराणसी (जनवार्ता)। सदर तहसील में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) और अधिवक्ताओं के बीच विवाद गहराता जा रहा है। तहसील बार एसोसिएशन सदर ने एसडीएम पर अधिवक्ताओं के सम्मान की उपेक्षा, शासनादेशों के अनुपालन में लापरवाही तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। बार एसोसिएशन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि कई वर्षों पुराने आदेशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा जनसुनवाई के दौरान फरियादियों और अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। अधिवक्ताओं ने तहसील में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप भी लगाया है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल बिंद और महामंत्री दिवेश कुमार द्वारा पारित प्रस्ताव में एसडीएम के गैर जनपद स्थानांतरण, उनके कार्यों की न्यायिक एवं प्रशासनिक जांच तथा तहसील में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा।
वहीं, एसडीएम नितिन सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनसुनवाई के दौरान अत्यधिक भीड़ होने के कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिवक्ताओं से कुछ समय प्रतीक्षा करने का अनुरोध किया गया था। उनके अनुसार इसी बात को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका।
बार एसोसिएशन के आंदोलन के चलते तहसील परिसर में न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में अधिवक्ता धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, दीपक राय, रविन्द्र यादव, आनंद सिंह, सुरेन्द्र कुमार, दिलीप कुमार, अमरेश कुमार, प्रीतम सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। फिलहाल मामले को लेकर अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है।

