वाराणसी में अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजनाओं को रफ्तार देने पर मंथन, संसाधनों की उपलब्धता पर जोर
वाराणसी (जनवार्ता)। अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजनाओं को गति देने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में उत्तर प्रदेश में संचालित विभिन्न जलमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने जलमार्गों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जलमार्ग विकास न केवल परिवहन व्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक साबित होगा।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि जलमार्गों के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, गंगा के माध्यम से माल परिवहन की संभावनाओं को बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में गंगा में जलस्तर की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में पर्याप्त पानी न होने के कारण वाराणसी तक मालवाहक जलयान नहीं पहुंच पा रहे हैं, जो परियोजना के क्रियान्वयन में बाधा बन रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने पर सहमति बनी।
इसके अतिरिक्त, टर्मिनल निर्माण, सुरक्षा उपायों और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़ी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं के सफल कार्यान्वयन से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अंतर्देशीय जलमार्गों के जरिए माल परिवहन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे वाराणसी सहित पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।


