खजुरी चौकी प्रभारी पर घूस मांगने का आरोप, पुलिस आयुक्त से लगाई न्याय की गुहार…
खजुरी चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की मांग…
मिर्जामुराद। खजुरी चौकी प्रभारी समेत दो सिपाहियों पर विवाद के निस्तारण के नाम पर रुपये मांगने, धमकी देने और अभद्रता करने का आरोप लगा है। कल्लीपुर (मिर्जामुराद) निवासी सुरेंद्र कुमार ने गुरुवार को पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित वीडियो और व्हाट्सएप चैट भी साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध होने का दावा किया है।
सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, उन्होंने मिर्जामुराद निवासी लखन प्रजापति को 1.45 लाख रुपये में ऑटो बेचने के लिए 25 हजार रुपये बयाने के तौर पर लिए थे। बाद में ऑटो खराब होने की बात कहते हुए लखन ने ऑटो वापस करने और बयाना राशि लौटाने की मांग की। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद 22 अगस्त को दोनों पक्षों के बीच 13 हजार रुपये में समझौता हुआ।
सुरेंद्र का आरोप है कि समझौते के बाद खजुरी चौकी प्रभारी गणेश पटेल के निर्देश पर दो सिपाही धमेंद्र कुमार और अतुल उनके पास पहुंचे और रुपये की मांग की। उन्होंने पहले ही दो हजार रुपये दिए जाने की बात कही। आरोप है कि 25 अगस्त को दबाव बनाकर उनसे 10 हजार रुपये और लिए गए। इसके बाद भी 6800 रुपये की मांग की जाती रही।
शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये देने में असमर्थता जताने पर उसे ऑटो कबाड़ में बिकवाने और परिजनों को उठवा लेने की धमकी दी गई। इसके बाद वह रुपये की व्यवस्था के लिए विकास कुमार गौंड की दुकान पर पहुंचा। आरोप है कि दोनों सिपाही वहां भी पहुंचे। विकास ने रुपये लेने का कारण पूछा तो उसके साथ गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप है।
सुरेंद्र ने बताया कि घटनाक्रम की वीडियो उसके पास मौजूद है। वहीं, विकास के मकान मालिक शिवपूजन कुमार पटेल को फोन और व्हाट्सएप के जरिए धमकी देने तथा विकास को झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कहे जाने की चैट भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने भी विकास को किसी मामले में फंसाने की धमकी दी।
सुरेंद्र कुमार, विकास कुमार और शिवपूजन पटेल ने पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वीडियो और व्हाट्सएप चैट की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ 25 अगस्त का प्रार्थना पत्र, ट्विटर शिकायत की छायाप्रति और व्हाट्सएप चैट की छायाप्रति भी संलग्न की गई है।


