मनीष सिंह हत्याकांड: करणी सेना ने प्रशासन पर एनएसए लगाने का बनाया दबाव
वाराणसी (जनवार्ता)। भरथरा (घमहापुर) निवासी दोना-पत्तल कारोबारी मनीष सिंह की निर्मम हत्या के मामले में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। संगठन ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में रविवार रात मनीष सिंह अपनी फैक्ट्री से घर लौट रहे थे। उनकी कार से स्थानीय एक महिला को टक्कर लगने के बाद गुस्साई भीड़ ने उन्हें कार से खींचकर पीट-पीटकर मार डाला। घटना में इतनी क्रूरता बरती गई कि पीड़ित की आंख भी निकाल ली गई।
पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है। इन वांछित आरोपियों के सिर पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने हत्या, मॉब लिंचिंग समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ा रही है।
करणी सेना के जिला अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, डीसीपी क्राइम और डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार की ओर से न्याय की मांग रखते हुए कहा कि आरोपियों पर एनएसए के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगे और समाज में सही संदेश जाए।
प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी के निर्देश पर करणी सेना जल्द ही वाराणसी प्रशासन को औपचारिक ज्ञापन सौंपने वाली है। संगठन के पदाधिकारी लगातार पुलिस अधिकारियों से संपर्क में हैं और पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
करणी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कठोरतम धाराओं में कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। संगठन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की भी मांग की है।
मनीष सिंह अपने पीछे पत्नी और छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पूरा मामला अब संवेदनशील हो चला है और प्रशासन सतर्क है।

