सारनाथ में पटाखा विस्फोट के बाद जागी पुलिस

सारनाथ में पटाखा विस्फोट के बाद जागी पुलिस

कैंट और कोतवाली समेत कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी

वाराणसी। सारनाथ के पैगंबरपुर में पटाखा निर्माण के दौरान हुए भीषण विस्फोट में मकान धराशायी होने की घटना के बाद वाराणसी पुलिस अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण के खिलाफ सक्रिय हो गई है। शनिवार को कैंट और कोतवाली थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर भारी मात्रा में पटाखे और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। वहीं, लालपुर थाना क्षेत्र के पांडेयपुर चौकी की पुलिस ने नई बस्ती में एक मकान से पटाखे बरामद किए। लगातार हो रही कार्रवाई के बीच रिहायशी इलाकों में विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

rajeshswari

पुलिस के अनुसार, कैंट थाना क्षेत्र की कुंज विहार कॉलोनी में शुक्रवार रात करीब 10 बजे पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक रिहायशी मकान से लगभग 30 कुंतल पटाखे बरामद किए। मौके पर मिले राहुल गुप्ता से पटाखों के भंडारण का वैध लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

इसी क्रम में कोतवाली पुलिस ने गोला दीनानाथ स्थित मकान संख्या के. 65/6-ए और के. 65/16 में छापेमारी कर पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कुल 10,596 किलोग्राम सामग्री बरामद की। पुलिस ने गोदाम स्वामी राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 5/9बी(1)(बी) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर सामग्री भंडारित करने और विभिन्न क्षेत्रों में पटाखा निर्माण के लिए बेचने की बात बताई है।

इसे भी पढ़े   देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय

उधर, लालपुर थाना क्षेत्र की पांडेयपुर पुलिस चौकी की टीम ने नई बस्ती स्थित दैत्राबीर बाबा मंदिर की गली के एक मकान से करीब 15 किलो पटाखे बरामद किए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इनमें कुछ बेहद खतरनाक पटाखे भी शामिल हैं। चौकी प्रभारी दिनेश सिंह के अनुसार, मामले में आवश्यक लिखापढ़ी की जा रही है।

सारनाथ में हुए विस्फोट के बाद एक के बाद एक सामने आ रहे अवैध भंडारण के मामलों ने शहर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिहायशी मकानों और घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखों तथा विस्फोटक सामग्री का भंडारण आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में पुलिस की छापेमारी के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि अवैध भंडारण पर प्रभावी रोक लगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *