केंद्रीय कारागार में 462 बंदियों को बहनों ने बांधी राखी, 1100 परिजनों ने की मुलाकात
वाराणसी। भाई-बहन के प्रेम और अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को केंद्रीय कारागार वाराणसी में सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। सुबह से ही बंदियों से मुलाकात के लिए बहनों और परिजनों की भीड़ जेल के बाहर जुटने लगी। भीड़ को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मुलाकात की व्यवस्था की।

कारागार प्रशासन और डायोसिस ऑफ वाराणसी के सहयोग से मुख्य द्वार के बाहर टेंट, कुर्सी-टेबल और जलपान की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही मुलाकात घर के अंदर भी परिजनों के बैठने और जलपान का इंतजाम किया गया।
बंदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाहर से मिठाई ले जाने के बजाय कारागार की बंदी कल्याण कैंटीन में तैयार गुणवत्तापूर्ण और शुद्ध मिठाई उपलब्ध कराई गई। जिन बहनों के पास राखी नहीं थी, उन्हें जेल प्रशासन की ओर से राखी भी उपलब्ध कराई गई।
अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में मुलाकात कराई गई, ताकि परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो। रक्षाबंधन के दिन कुल 462 बंदियों से उनके परिजनों ने मुलाकात की। इनमें कुल 1100 लोग शामिल रहे। इनमें 803 महिलाएं और 297 बच्चे थे। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, भोजराज, अमिता श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

