आर्मी अधिकारी बनकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता) । उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आर्मी अधिकारी का फर्जी परिचय देकर बेरोजगार युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगी करने वाले गिरोह के सरगना धर्मेन्द्र पाण्डेय को सोमवार की रात जनपद वाराणसी के थाना भेलूपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया ।

गिरफ्तार आरोपी का पूरा नाम धर्मेन्द्र पाण्डेय पुत्र स्वर्गीय बसावन पाण्डेय, निवासी कैली, थाना अलीनगर, जनपद चन्दौली है। वह विभूति इन्क्लेव, बृज इन्क्लेव कॉलोनी के पास एक फ्लैट किराए पर लेकर रह रहा था।
एसटीएफ टीम ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, तीन आधार कार्ड (तीनों के नंबर अलग-अलग), तीन पैन कार्ड (तीनों के नंबर अलग-अलग), दो ड्राइविंग लाइसेंस (दोनों अलग-अलग पते वाले), तीन एटीएम कार्ड, दो हाई स्कूल अंकपत्र (अन्य व्यक्तियों के), एक हाई स्कूल प्रमाण पत्र (अन्य व्यक्ति का) तथा भारतीय सेना के दो फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए।
पूछताछ में धर्मेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि उसने कमांडिंग ऑफिसर, आर्मी इंटेलीजेंस अल्फा-1 (कर्नल) का फर्जी परिचय पत्र बनवा लिया था। इसी फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर वह खुद को आर्मी अधिकारी बताता था। बेरोजगार युवकों को आर्मी, रेलवे, शिक्षा विभाग और अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने का लालच देकर वह उनसे मोटी रकम वसूलता था।
जब युवक नौकरी न लगने पर अपना पैसा वापस मांगते, तो उसे दूसरे विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर टाल दिया जाता था। आरोपी ने फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए थे, ताकि ठगी की रकम ट्रांसफर होने पर वह आसानी से पकड़ा न जा सके। उसके बैंक खातों में अब तक लाखों रुपये जमा हो चुके हैं।
धर्मेन्द्र पाण्डेय बिहार के कुछ अन्य ठगों के संपर्क में भी था, जो इसी तरह की नौकरी ठगी में सक्रिय थे।
एसटीएफ, उत्तर प्रदेश को मिली सूचना पर निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने विश्वस्त सूत्र की मदद से सोमवार की रात आरोपी को उसके फ्लैट के पास से गिरफ्तार किया।
इस मामले में थाना भेलूपुर, वाराणसी में मुकदमा बीएनएस के तहत दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच और विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
एसटीएफ के अधिकारियों ने युवकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को आर्मी अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने का वादा करने पर भरोसा न करें और ऐसी किसी भी शिकायत की तुरंत सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या एसटीएफ को दें।

