दिल्ली कूच करेंगे दो लाख पूर्व नियुक्त शिक्षक
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन

वाराणसी (जनवार्ता)। देशभर के पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य बनाने के सरकारी फैसले के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। शिक्षक संगठनों के बैनर तले करीब दो लाख शिक्षक दिल्ली कूच करने की तैयारी में हैं। आंदोलन की अगुवाई कर रहे टीएफआई (टीचर्स फॉर इंडिया) के राष्ट्रीय संयोजक सनत कुमार सिंह ने कहा, “टीईटी की लड़ाई, लड़ेगा टीएफआई। यह उन लाखों शिक्षकों का संघर्ष है जिन्हें नियुक्ति के वर्षों बाद अचानक अयोग्य घोषित किया जा रहा है।”
श्री सिंह के मुताबिक, विभिन्न राज्यों में 2001 से 2014 के बीच नियुक्त हजारों शिक्षक इस नियम से प्रभावित हुए हैं। कई शिक्षकों ने 15-20 साल तक सेवा दी, लेकिन अब उन्हें टीईटी पास करने को कहा जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, इसलिए इसे पूर्व प्रभाव से लागू करना अन्याय है।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 30 नवंबर तक मांगें नहीं मानीं तो दिसंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली में विशाल धरना-प्रदर्शन होगा। सभी राज्य इकाइयों को 25 नवंबर तक दिल्ली पहुंचने के निर्देश दे दिए गए हैं।
शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि:
– पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए।
– सेवा में रहते हुए उम्र सीमा में छूट देकर एकमुश्त मौका दिया जाए।
– बर्खास्त शिक्षकों की बहाली हो।
श्री सनत कुमार सिंह ने कहा, “यह सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी और शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता का मामला है। सरकार बातचीत करे, वरना शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।”
आंदोलन को बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड सहित कई राज्यों के शिक्षक संगठनों का समर्थन मिल रहा है।

