पेंशनर्स संस्था की मासिक बैठक में 17 को प्रदर्शन का निर्णय
वाराणसी (जनवार्ता) : उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की वाराणसी शाखा की मासिक बैठक रविवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन, पीडब्ल्यूडी में जिलाध्यक्ष इंजी. एस.डी. मिश्र की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पांडेय ने किया।

बैठक में नए सदस्यों का परिचय कराया गया तथा दिसंबर माह में जन्मदिन वाले सदस्यों का जन्मोत्सव मनाया गया। पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के बाद सदस्यों ने पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति नीति को नकारात्मक बताया। कोरोना काल से बंद वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे किराए में छूट की बहाली, महंगाई राहत की तीन किस्तों का एरियर भुगतान तथा 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5%, 10% और 15% अतिरिक्त पेंशन वृद्धि की मांग पर सरकार की उदासीनता पर रोष व्यक्त किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से आठवें वेतन आयोग के दायरे से 1 जनवरी 2026 से पूर्व पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) के तहत आने वाले पेंशनर्स के पेंशन पुनरीक्षण को बाहर करने की केंद्र सरकार की 3 नवंबर 2025 की राजपत्र अधिसूचना पर कड़ा विरोध जताया गया। सदस्यों का कहना था कि यह निर्णय उचित नहीं है और इससे केंद्र एवं राज्य के पेंशनर्स आंदोलित हैं।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 17 दिसंबर को प्रातः 10 बजे शास्त्री घाट पर एकत्रित होकर 11 बजे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद जुलूस के रूप में कोषागार पहुंचकर पेंशनर्स दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शाखा के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य इसमें पूर्ण सहभागिता करेंगे।
बैठक को संरक्षक इंजी. शमसुल आरफिन, इंजी. आर.पी. मिश्र, इंजी. देवेंद्र लाल श्रीवास्तव, हीरालाल, इंजी. हरिशंकर यादव, डॉ. परमहंस मिश्र, इंजी. हीरालाल प्रसाद, डॉ. सुधाकर मिश्र, एस.एन. मणि, अमरदेव, प्रभाकर दुबे, शिव प्रकाश, वी.एन. त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, लल्लन सिंह, नागेंद्र सिंह, रामचंद्र गुप्ता एवं श्रीमती शैलकुमारी आदि ने संबोधित किया।

