खाद्यान्न घोटाले में संलिप्त कोटेदार को ईओडब्ल्यू ने किया गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता) । आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी ने जौनपुर के बहुचर्चित खाद्यान्न घोटाले में वांछित एक कोटेदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी धन के गबन में शामिल होने का आरोप है।

ईओडब्ल्यू के अनुसार वर्ष 2004-05 में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत जौनपुर जनपद के केराकत विकास खंड के विभिन्न गांवों में नाली निर्माण, संपर्क मार्ग एवं मिट्टी भराई जैसे विकास कार्य कराए जाने थे। योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) वितरित किया जाना था।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा योजना में वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मामले में वर्ष 2020 में थाना ईओडब्ल्यू वाराणसी में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसी प्रकरण में ईओडब्ल्यू ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे जौनपुर के केराकत क्षेत्र से सुरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी केराकत थाना क्षेत्र के हुरहुरी गांव का निवासी है और कोटा की दुकान संचालित करता है। जांच एजेंसी के अनुसार वह अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी अभिलेखों के आधार पर लगभग 16.50 लाख रुपये के शासकीय धन के गबन में शामिल रहा है।
पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू वाराणसी प्रदीप कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, निरीक्षक करुणेश सिंह, मुख्य आरक्षी प्रिंस तिवारी, रामाश्रय सिंह एवं सरफराज अंसारी शामिल रहे।
ईओडब्ल्यू द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

