अविमुक्तेश्वरानंद हमारे गुरु, अन्याय के खिलाफ होगा आंदोलन : अजय राय

अविमुक्तेश्वरानंद हमारे गुरु, अन्याय के खिलाफ होगा आंदोलन : अजय राय

धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस तैयार

वाराणसी  (जनवार्ता) । काशी में धार्मिक और राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने बुधवार को बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ खड़े होने का स्पष्ट ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय हो रहा है और कांग्रेस उनके पक्ष में आंदोलन करेगी।

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अजय राय ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हमारे गुरु हैं और उनके साथ हो रहा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अन्याय नहीं होता तो उन्हें प्रयागराज माघ मेले में उचित स्थान और सम्मान क्यों नहीं दिया गया। कांग्रेस उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।

नेताओं ने मणिकर्णिका घाट पर पुलिस द्वारा रोके जाने की घटना का भी जिक्र किया। महाराष्ट्र से विशेष रूप से वाराणसी आए नाना पटोले ने घाट पर जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके। पटोले ने कहा कि मणिकर्णिका घाट जाने से रोकना यह साबित करता है कि वहां कुछ गड़बड़ है। उन्होंने सरकार के दावों को झूठा करार दिया और कहा कि कांग्रेस स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ खड़ी रहेगी तथा उनके लिए आंदोलन जारी रखेगी।

कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को केवल धार्मिक नहीं बल्कि समाज के मूल्यों, सिद्धांतों और संतों के अधिकारों की रक्षा का सवाल बताया। अजय राय ने कहा कि यह समय है जब हमें एकजुट होकर उनके अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। कांग्रेस स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रतिबद्धता दोहराती है। उनका यह आंदोलन सभी धर्मगुरुओं के सम्मान के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।

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यह घटना ऐसे समय हुई है जब प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच मौनी अमावस्या स्नान को लेकर विवाद चल रहा है। स्वामी जी ने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में धरना दिया हुआ है और कांग्रेस ने इसे राजनीतिक रंग देते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का यह कदम वाराणसी में धार्मिक भावनाओं और राजनीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि आंदोलन का अगला चरण क्या होगा।

Shiv murti

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