एक ही रोल नंबर पर दो अभ्यर्थी, सीएचएस प्रवेश परीक्षा में हंगामा
वाराणसी (जनवार्ता) ।बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस) की कक्षा 11 की प्रवेश परीक्षा शुक्रवार को उस समय विवादों में घिर गई, जब एक ही रोल नंबर पर दो अलग-अलग अभ्यर्थियों के परीक्षा देने का मामला सामने आया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर अफरातफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए ।

मिली जानकारी के अनुसार, उज्ज्वल कुमार और दिव्यांशु सोनकर के रोल नंबर पर अन्य संदिग्ध छात्र परीक्षा देते पाए गए। विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर लंका थाने भेज दिया। इस गड़बड़ी के चलते वास्तविक अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए, जिससे उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। परीक्षा परिणाम जून में जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक थाने पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि घटना के कुछ समय बाद पोर्टल पर एडमिट कार्ड के डाटा में बदलाव किया गया। दोबारा प्रिंट निकालने पर रोल नंबर और परीक्षा केंद्र अलग दिखाई देने लगे, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।
मामले को लेकर छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना है कि बिना आंतरिक जांच के सीधे पुलिस कार्रवाई करना उचित नहीं है और प्रशासन को पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए।
उधर, पीड़ित छात्र दिव्यांशु सोनकर ने आरोप लगाया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण उन्हें फर्जी अभ्यर्थी समझकर परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया गया। उनका कहना है कि जब वह केंद्र पर पहुंचे, तब उनके रोल नंबर पर कोई अन्य छात्र पहले से परीक्षा दे रहा था। इसके बावजूद उन्हें ही संदिग्ध मानते हुए करीब तीन घंटे तक थाने में बैठाया गया, जिससे उनकी परीक्षा छूट गई।
परीक्षा नियंता प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने बताया कि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ अभ्यर्थी कूटरचित प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे थे और डिजिटल माध्यम से छेड़छाड़ कर उसका दुरुपयोग करने की कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच जारी है।

