जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने की निर्माणाधीन परियोजनाओं की औचक जांच
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में 150 बेड सीसीएच भवन का कार्य तेज, शेष काम समय पर पूरे करने के निर्देश
वाराणसी (जनवार्ता)। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में बन रहे 150 बेड क्षमता वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (सीसीएच) भवन, राष्ट्रीय वृद्धावस्था केंद्र (एनसीए) तथा 1200 सीटों वाले बालिका छात्रावास के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर, मोहनसराय में चल रहे कार्यों का भी अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों व अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ट्रॉमा सेंटर में निर्माणाधीन सीसीएच भवन के निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अभियंता ने बताया कि मुख्य भवन की संरचना पूर्ण हो चुकी है। ग्राउंड फ्लोर से लेकर सातवीं मंजिल तक सभी स्लैब का कार्य पूरा हो गया है। बाहरी प्लास्टर का काम लगभग 90 प्रतिशत तथा ईंटों का कार्य भी विभिन्न मंजिलों पर 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। सर्विस ब्लॉक में रिटेनिंग वॉल, प्लास्टर, फर्श और पानी की टंकी के लिए स्टील का कार्य प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने खिड़कियों के शीशे-फ्रेम, सैंपल शौचालय तथा आईसीयू बेड के सैंपल की गुणवत्ता का गहन अवलोकन किया। उन्होंने शेष बचे कार्यों को तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
बीएचयू में 1200 सीटों वाले बालिका छात्रावास के निरीक्षण में बताया गया कि कुल 6 ब्लॉक के भवनों का निर्माण अच्छी गति से चल रहा है। जिलाधिकारी ने प्रगति पर संतोष जताते हुए बचे कार्यों को भी मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय वृद्धावस्था केंद्र (एनसीए) के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने सिविल कार्य को मार्च अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और उत्तम गुणवत्ता के साथ ही पूरे किए जाएं। एनसीए भवन के उद्घाटन से पूर्व निवेदिता छात्रावास के ध्वस्तीकरण का कार्य भी समय पर पूरा कर लिया जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने ट्रांसपोर्ट नगर, मोहनसराय में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं का भी जायजा लिया और मौके पर मौजूद अभियंताओं को आवश्यक सुधार एवं गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी परियोजनाओं में समयबद्धता, गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।

