जमीन दिलाने के नाम पर सेवानिवृत्त रेलकर्मी से 60 लाख की कथित ठगी, रिश्तेदार समेत चार पर मुकदमा
वाराणसी (जनवार्ता)। लंका थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी से 60 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने एक नामजद आरोपी और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार लंका क्षेत्र के मारुति नगर निवासी तथा मूल रूप से चंदौली जिले के कंदवा थाना क्षेत्र के चारी गांव निवासी भीमसेन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। आरोप है कि बिहार निवासी गोबिंद सिंह, जो रिश्ते में उनका नाती लगता है, ने पारिवारिक संबंधों और विश्वास का लाभ उठाते हुए वाराणसी में जमीन दिलाने का भरोसा दिया।
तहरीर के मुताबिक करीब दो वर्ष पूर्व आरोपी ने दो बिस्वा जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इस भरोसे पर भीमसेन सिंह ने उसे अलग-अलग समय पर कुल 60 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार जमीन का सौदा पूरा कराने का आश्वासन देता रहा, लेकिन न तो जमीन का बैनामा कराया गया और न ही कोई अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में उसने फोन कॉल का जवाब देना भी बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
भीमसेन सिंह ने आरोप लगाया है कि इस पूरे प्रकरण में गोबिंद सिंह के अलावा तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भी भूमिका रही है, जिन्होंने कथित रूप से जमीन दिलाने के नाम पर सहयोग किया था।
लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर गोबिंद सिंह और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन के विवरण और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि शिकायतकर्ता ने अपने ही रिश्तेदार पर विश्वासघात और आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

