लखनऊ : 17 वर्षीय किशोरी की न्यूड बॉडी गोमती नदी से बरामद
मौसा गिरफ्तार
लखनऊ (जनवार्ता) । मड़ियांव थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय किशोरी की नग्न लाश गुरुवार सुबह गोमती नदी में मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में लड़की के मौसा को मुख्य संदिग्ध मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि आरोपी ने अपहरण की झूठी कहानी रचकर अपराध को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, किशोरी अपने मौसा-मौसी के साथ घैला पुल के पास स्थित कॉलोनी में रहती थी। उसकी मां की मौत वर्ष 2016 में हो चुकी है, जबकि पिता भी इसी इलाके में रहते हैं। बुधवार रात करीब 8 बजे मौसा ने कमर दर्द का बहाना बनाकर किशोरी को अपने साथ घर से निकाला।
मौसी के बयान के मुताबिक, घर से निकलने के 15-20 मिनट बाद मौसा ने लड़की के भाई के फोन पर संपर्क किया और बताया कि कुछ लोगों ने कार में जबरिया बैठाकर भांजी का अपहरण कर लिया है। वह उनका पीछा कर रहा है।
परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे तो मौसा को गांव के बाहर बेहोशी की हालत में पाया। पास ही गोमती नदी के किनारे लड़की के कपड़े और अंडरगार्मेंट्स बिखरे मिले। सूचना मिलते ही पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गुरुवार सुबह 9 बजे घैला पुल के पास किशोरी की नग्न लाश मिली।
मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा ने बताया कि लड़की के भाई की शिकायत पर रेप और हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच में पता चला कि मौसा ने अपहरण की पूरी कहानी झूठी रची थी। उसने दावा किया था कि वह ऑटो से लड़की के साथ जा रहा था और कार सवार लोगों ने मारपीट कर उसे ले गए, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में लड़की मौसा के साथ बाइक पर जाती दिखाई दी। कोई कार नजर नहीं आई।
पुलिस ने आगे बताया कि मौसा बेहोश नहीं था, बल्कि नशे की हालत में पड़ा था। मौसा उत्तराखंड का मूल निवासी है और यहां पेंटिंग का काम करता है, जबकि मौसी मेड का काम करती है। दोनों की शादी इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद हुई थी।
पुलिस जांच कर रही है कि अपराध के पीछे क्या मंशा थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत का सटीक कारण और अन्य सुराग मिल सकेंगे। मामले की गहन जांच जारी है।

