यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 24 मौतें, 21 जिलों में आज भी ओलावृष्टि का अलर्ट

यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 24 मौतें, 21 जिलों में आज भी ओलावृष्टि का अलर्ट

लखनऊ, (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश के कई जिलों में रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक तेज आंधी, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। खराब मौसम से जुड़े हादसों में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में आए इस बदलाव ने एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, तो दूसरी ओर जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

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मौसम विभाग के अनुसार बरेली में आंधी की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल जिले के गुन्नौर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 130 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग ने मंगलवार को भी प्रदेश के 21 जिलों में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है।


सबसे अधिक नुकसान गोरखपुर-बस्ती मंडल में देखने को मिला, जहां बिजली गिरने, पेड़ गिरने और अन्य हादसों में सात लोगों की जान चली गई। गोरखपुर और गोंडा में बिजली गिरने से तीन-तीन लोगों की मौत हुई, जबकि सिद्धार्थनगर और गाजीपुर में दो-दो लोगों ने जान गंवाई। बलरामपुर, अंबेडकरनगर, बहराइच, बागपत और संभल में भी एक-एक मौत की पुष्टि हुई है। सिद्धार्थनगर में एक व्यक्ति की पेड़ गिरने से दबकर मौत हो गई।
कुशीनगर में बिजली कड़कने की आवाज से घबराकर भाग रही एक किशोरी नाली में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। कासगंज में तेज आंधी के दौरान एक वृद्धा और दो मासूम भाई-बहनों की जान चली गई। संभल में छत से गिरकर दृष्टिबाधित महिला की मौत हुई, जबकि गाजीपुर में दीवार गिरने से एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। औरैया में भी आंधी के चलते दीवार ढहने से दादी और नातिन की मौत हो गई।

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बरेली में बारिश ने पिछले 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां बीते 24 घंटों में 54.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 2000 के बाद मई महीने में सबसे अधिक है। तेज आंधी के कारण भमोरा क्षेत्र में पांच महीने पहले बनी पानी की टंकी ढह गई, जिसकी चपेट में आकर पांच लोग घायल हो गए।


आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है। मुजफ्फरनगर में 65 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए और 135 स्थानों पर तार टूट गए, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। बागपत के करीब 200 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर बिजरौल के पास मिट्टी धंसने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। सिद्धार्थनगर में जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन पानी की टंकी भी क्षतिग्रस्त हो गई।


मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा पूर्वांचल और तराई के कई जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

Shiv murti

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