इंदौर में लव जिहाद का आरोप
फर्जी हिंदू नाम से नाबालिग को फंसाया, मोबाइल में कई लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो बरामद
इंदौर (जनवार्ता): शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र के देवनगर इलाके में सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़की को फंसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे ‘लव जिहाद’ के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी युवक को पकड़कर उसकी पिटाई की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान जोएब खान (जिसे जोयब/ज़ोयब/जोयब खान भी कहा जा रहा है) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से महू के सिमरोल थाना क्षेत्र के दतोदा गांव का निवासी है। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी हिंदू नाम ‘मनोज’ का इस्तेमाल कर रहा था। इसी फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से उसने होशंगाबाद (नर्मदापुरम/केसला थाना क्षेत्र) की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की। बातचीत बढ़ाकर उसे प्रभावित करने के बाद आरोपी ने लड़की को इंदौर बुलाया और एमआईजी थाना क्षेत्र के देवनगर में किराए के मकान में अपने साथ रख लिया।
लड़की पहले से ही होशंगाबाद में लापता बताई जा रही थी, जहां उसकी गुमशुदगी दर्ज थी। युवक की संदिग्ध गतिविधियों पर स्थानीय लोगों को शक हुआ, तो उन्होंने हिंदू संगठनों और कार्यकर्ताओं को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई की। पूछताछ में आरोपी ने पहले खुद को ‘मनोज’ बताया, लेकिन बाद में अपनी असली पहचान जोएब खान बताई।
पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से कई लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद होने की बात सामने आई है। शुरुआती पूछताछ से संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले भी इसी तरह की हरकतें कर चुका है। एमआईजी थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी देवनगर इलाके में एक फास्ट फूड आउटलेट पर काम करता था और काफी समय से वहीं रह रहा था। पुलिस अब मकान मालिक से पूछताछ कर रही है और यदि किरायेदार की जानकारी थाने में नहीं दी गई पाई गई, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
सूचना मिलते ही होशंगाबाद (नर्मदापुरम) पुलिस की टीम इंदौर पहुंची और नाबालिग लड़की को सुरक्षित अपने साथ ले गई। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट, अपहरण और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान से दोस्ती करने, अजनबियों पर भरोसा करने और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही है। अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें और सतर्क रहें।

