कॉरिडोर और टाउनशिप की घोषणा से गया में जमीन बाजार गर्म, 35 लाख की जमीन पहुंची 75 लाख तक
गया (जनवार्ता)। मोक्ष नगरी गया में इन दिनों धार्मिक विकास परियोजनाओं के साथ रियल एस्टेट बाजार भी तेजी से सुर्खियों में है। विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की घोषणा के बाद शहर और आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में अचानक भारी उछाल देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर कुछ महीने पहले 30 से 35 लाख रुपये प्रति कट्ठा बिकने वाली जमीन अब 70 से 75 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
बताया जा रहा है कि विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजना के चलते बड़ी संख्या में पुराने मकानों और भवनों के हटने की संभावना है। इसी आशंका के बीच मंदिर से जुड़े पुजारी और पंडा समाज के लोग वैकल्पिक ठिकानों की तलाश में जुट गए हैं। नैली, दुबहल, केंदुई और बाइपास क्षेत्र में जमीनों की मांग तेजी से बढ़ी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कई लोग ऊंची कीमत देकर एडवांस बुकिंग कर रहे हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम तेजी का माहौल बन गया है।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चिन्हित करीब 22,200 एकड़ भूमि पर प्रशासन ने 31 मार्च 2027 तक खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद जमीन कारोबारियों ने नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक कई जगहों पर पोस्ट-डेटेड इकरारनामों के जरिए सौदे किए जा रहे हैं। वार्ड नंबर 44 समेत आसपास के इलाकों में दो साल बाद प्रभावी होने वाले एग्रीमेंट तैयार कर भारी रकम ली जा रही है।
विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना के तहत पूरे क्षेत्र में 694 नए ढांचे विकसित किए जाने की योजना है। इसमें आधुनिक दुकानों, मल्टी-लेवल पार्किंग, पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक शेड, फल्गु नदी घाट का सौंदर्यीकरण और सीता कुंड क्षेत्र का विस्तार शामिल है। माना जा रहा है कि इन्हीं परियोजनाओं की वजह से गया के बाहरी इलाकों की जमीनें तेजी से महंगी हो रही हैं।
रियल एस्टेट बाजार में आई इस तेजी से बड़े निवेशक और कारोबारी उत्साहित हैं, लेकिन आम लोगों के लिए जमीन खरीदना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक रोक के बावजूद हो रही अनौपचारिक सौदेबाजी आगे चलकर कानूनी विवादों की वजह बन सकती है। फिलहाल गया में कॉरिडोर और टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर जमीन बाजार में जबरदस्त हलचल बनी हुई है।


