झांसी : बीमारी का बहाना बनाकर दरोगा परीक्षा देने गए 23 सिपाही सस्पेंड
झांसी (जनवार्ता) । दरोगा बनने की चाहत में अनुशासन की सीमा लांघने वाले 23 सिपाहियों को झांसी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन सिपाहियों ने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर छुट्टी ली और 14-15 मार्च को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा में चुपके से शामिल हो गए।

विभागीय जांच में जब यह सच्चाई सामने आई तो झांसी के एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने 19 मार्च को सभी 23 सिपाहियों के खिलाफ सस्पेंशन का आदेश जारी कर दिया। सोमवार को इस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक हुई।
जानकारी के अनुसार, इन सिपाहियों ने छुट्टी के दौरान परीक्षा दी और बाद में दोबारा ड्यूटी जॉइन कर ली। लेकिन आंतरिक जांच में सब कुछ खुल गया। एसएसपी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता बताते हुए कहा कि बिना अनुमति परीक्षा में शामिल होना और झूठी बीमारी का बहाना बनाना दोनों ही गंभीर अपराध हैं। सभी सिपाहियों के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच चल रही है।
पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “परीक्षा देने के लिए विभाग से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होता है। गलत जानकारी देकर छुट्टी लेने पर विभागीय कार्रवाई होती है और दोषी पाए जाने पर सर्विस रिकॉर्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाती है, जिसका प्रमोशन और भविष्य पर बुरा असर पड़ता है।”
यह घटना पुलिस विभाग में अनुशासन और ईमानदारी की अहमियत को फिर से रेखांकित करती है। झांसी पुलिस का सख्त रुख इस बात का संकेत है कि अब ऐसे ‘चालाक’ प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है।

