नगर निगम : बिना ईएमडी और टेंडर फीस जमा किए निविदा में हिस्सा लेने वाली 29 फर्में ब्लैकलिस्टेड
वाराणसी (जनवार्ता) : नगर निगम वाराणसी ने टेंडर प्रक्रिया में नियमों की खुली अनदेखी करने वाली 29 फर्मों और निर्माण संस्थाओं को तत्काल प्रभाव से काली सूची यानी ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है। इन फर्मों ने धरोहर राशि अर्थात ईएमडी और टेंडर फीस जमा किए बिना ही विभिन्न निविदाओं में भाग लिया था।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर सामान्य अभियंत्रण विभाग ने आंतरिक जांच के बाद यह कड़ी कार्रवाई की है। जांच में पुष्टि हुई कि इन फर्मों ने सरकारी टेंडर नियमों की अनदेखी की, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हुई। निगम प्रशासन ने इसे सरकारी कार्यों में बाधा डालने वाला गंभीर उल्लंघन माना है।
नगर निगम द्वारा जारी निविदाओं में ईएमडी और टेंडर फीस जमा करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद इन फर्मों ने बिना इन औपचारिकताओं को पूरा किए प्रतिभाग किया। नगर आयुक्त के सख्त रुख के चलते अब इन फर्मों पर भविष्य में किसी भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया है।
निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया को हल्के में लेने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इसका उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नियम-आधारित बनाना है।
ब्लैकलिस्ट हुई फर्मों की सूची इस प्रकार है:
मे. बीएलडी कन्स्ट्रक्शन एंड सप्लायर, मे. मां गंगा कन्स्ट्रक्शन, मे. शान्ति इ.प्रा., मे. देव इ.प्रा., मे. श्रीराम डेवलपर्स, मे. कुशाग्र इ.प्रा., मे. सिद्धार्थ कन्स्ट्रक्शन, मे. बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स, मे. विराज इ.प्रा., मे. आरके कन्स्ट्रक्शन, मे. रवि नारायण सिंह, मे. श्री बद्री विशाल विभु इ.प्रा., मे. बनारस एसोसिएट, मे. राज एसोसिएट, मे. श्री जी इन्फ्रा, मे. श्री विकास इ.प्रा., मे. इन्द्रपमा कन्स्ट्रक्शन, मे. कुश इ.प्रा., मे. वैष्णों इ.प्रा., मे. बालाजी इ.प्रा., मे. त्रिदेव इ. प्रा., मे. सुषमा कन्स्ट्रक्शन, मे. अयांश इ. प्रा., मे. सिद्धि इ. प्रा., मे. धाम इ. प्रा., मे. आरपी इ. प्रा., मे. श्री विष्णु इ. प्रा., मे. अजा कन्स्ट्रक्शन तथा मे. कृष्णा इ.प्रा.।
नगर निगम प्रशासन ने सभी ठेकेदारों और फर्मों को चेतावनी दी है कि भविष्य में नियमों का पालन न करने पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

